गुरुवार, 19 मार्च 2009

दे इतना वरदान


हे भगवान दया निधान,
मुझको दो इतना वरदान,
चाहे दुःख हो चाहे सुख हो,
रहे देश का हरदम ध्यान,बाधाओं में,
विपदाओं में,धीरज धरूं बनू बलवान,
तन मन वारू, जीवन वारूँ,
होऊं भारत पर बलिदान।
वन्देमातरम

1 टिप्पणी:

  1. vatan ko girvi mat rakh dena vatan walon. shahidon ne ye karje apne khoon se chukayen hain.

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